लिक्विड म्युचुअल फंड्स क्या हैं

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लिक्विड म्युचुअल फंड्स दुनिया भर के निवेशकों के बीच टॉप रेटेड निवेश उपकरण हैं, खासकर भारत में। लिक्विड फंड्स, म्यूच्यूअल फंड्स का एक प्रकार है। फिर भी, अन्य म्यूचुअल फंड्स के विपरीत, जो आमतौर पर लंबी अवधि के निवेश उपकरण होते हैं, लिक्विड फंड्स शॉर्ट टर्म निवेश करते हैं जो निवेशकों को उच्च लिक्विडिटी स्तर और सुरक्षा गारंटी देते हैं। नीचे हम लिक्विड फंड्स की मुख्य विशेषताओं का वर्णन करेंगे, और आप सीखेंगे कि लिक्विड फंड्स में ऑनलाइन और ऑफलाइन कैसे निवेश किया जाए और उन्हें शुरू करने के लिए कितने पैसों की जरूरत है।

लिक्विड म्यूचुअल फंड्स क्या हैं?

लिक्विड फंड्स, डेब्ट फंड्स हैं जो केवल शॉर्ट टर्म ऐसेट्स, विशेष रूप से ऋण और मुद्रा बाजार की प्रतिभूतियों में निवेश कर सकते हैं जिनकी परिपक्वता 91 दिनों से ज़्यादा नहीं होती। ऐसे निवेशों के उदाहरण जमा प्रमाणपत्र, बांड, ट्रेजरी बिल, वाणिज्यिक पत्र, सरकारी प्रतिभूतियाँ, आदि हैं। एक लिक्विड फंड का मुनाफा सिक्योरिटीज की कीमत पर निर्भर करता है। फिर भी, शॉर्ट टर्म निवेश की कीमतों में महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होता, और लिक्विड फंड के रिटर्न अन्य निवेशों की तुलना में अधिक स्थिर होते है।

नोट! भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने यह मानदंड निर्धारित किया है कि लिक्विड फंड्स केवल 91 दिनों तक की परिपक्वता वाली सिक्योरिटीज में ही निवेश कर सकते हैं।

बचत बैंक खाते से बेहतर हैं लिक्विड फंड्स?

तरल म्युचुअल फंड
कई लोग लिक्विड म्यूचुअल फंड्स में निवेश की तुलना बचत बैंक खाते से करते हैं क्योंकि दोनों ही काफी सुरक्षित हैं और उच्च लिक्विडिटी प्रदान करते हैं। पर, इन दोनों विकल्पों की ब्याज आय अलग-अलग है। औसतन, बैंक लगभग 4% ब्याज प्रदान करते हैं, और लिक्विड फंड्स 7% से 9% तक देते हैं, जो फंड और निवेश राशि पर निर्भर करता है। तो, अधिक आय कमाने के लिए, आपको यह जाँचना चाहिए कि लिक्विड म्यूचुअल फंड्स में ऑनलाइन या ऑफलाइन कैसे निवेश किया जाए।

बचत बैंक खाते की तुलना में लिक्विड फंड्स के कुछ और लाभ भी हैं:

  • लिक्विड फंड्स में निवेश के लिए कोई लॉक-इन अवधि नहीं है। इसलिए, आपको अपनी सुविधा अनुसार निवेश करने और पैसे निकालने की सुविधा मिलती है।
  • ज्यादातर मामलों में आप निवेश के एक हफ्ते के भीतर बिना किसी जुर्माने के अपना पैसा निकाल सकते हैं। साथ ही बैंक डिपॉजिट के विपरीत आपको इन दिनों का रिटर्न भी मिलेगा।
  • लिक्विड फंड्स केवल कम अवधि के इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं, इसलिए आपको अपना रिटर्न पाने के लिए लंबा इंतजार करने की जरूरत नहीं है।

उपरोक्त सभी अंतर निवेशकों के बीच लिक्विड फंड्स को बहुत लोकप्रिय बनाते हैं। उदाहरण के लिए, HDFC लिक्विड फंड या भारत में किसी और लिक्विड फंड में निवेश करने से अच्छे शॉर्ट टर्म रिटर्न मिल सकते है।

लिक्विड फंड्स में निवेश क्यों करें?

लिक्विड फंड फीचर्स
लिक्विड फंड्स की कई विशेषताएँ हैं जो उन्हें नए और अनुभवी निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती हैं।

सबसे पहले, यह एक कुशल वित्तीय साधन है जो कम अवधि के लिए धन आवंटित करने में मदद करता है। हालाँकि म्यूचुअल फंड्स में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती पर लिक्विड फंड्स की स्पष्ट संरचना उन्हें बैंक में जमराशियाँ जैसे निश्चित ब्याज साधनों की तुलना में एक आकर्षक वित्तीय साधन बनाती है। वे डेब्ट फंडों की श्रेणी में ब्याज दर का सबसे कम जोखिम उठाते हैं।

दूसरा, अगर आपको पैसों की जरूरत है, तो आप निवेश के कुछ दिनों बाद भी, किसी भी समय अपने लिक्विड फंड निवेश को निकाल सकते हैं, और इन दिनों के लिए आप अपना रिटर्न भी नहीं खोते हैं। इसका मतलब है कि लिक्विड फंड के साथ, निवेशक हर दिन अपने निवेश के काम के लिए उपचय के आधार पर कमाते हैं।

इसके अलावा, लिक्विड फंड्स के निवेशों पर कर के लाभ भी होते हैं।

आखरी, ज्यादातर जहाँ निवेश एक हफ्ते या उससे अधिक समय के लिए फंड में रहा हो वहाँ लिक्विड फंड्स के लिए कोई एक्जिट लोड नहीं होता है। इसका मतलब है कि इसमें निवेश का खर्चा अन्य प्रकार के निवेशों की तुलना में कम है।

लिक्विड फंड्स के प्रकार

लिक्विड फंड्स के प्रकारों में कोई सख्त अंतर नहीं है। इन सभी को शॉर्ट टर्म इंस्ट्रूमेंट्स में पैसा लगाना चाहिए। आम तौर पर, म्यूचुअल फंड्स को चार श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है: मनी मार्केट, सिक्योरिटीज, बांड और टारगेट डेट। इनमें से हर प्रकार की अपनी विशेषताएँ और जोखिम स्तर होते हैं।
लिक्विड फंड निवेश
उपयुक्त लिक्विड फंड को चुनते समय, आपको निम्नलिखित मानकों पर विचार करना चाहिए:

  • रिटर्न की गणना, वर्तमान और ऐतिहासिक दोनों की।
  • क्रेडिट रेटिंग। सब से ऊँची रेटिंग AAA है, और उच्च रेटिंग का मतलब निवेशकों के लिए कम जोखिम है।
  • पोर्टफोलियो आवंटन। किस तरह से फंड निवेशकों के पैसे को रिटर्न पाने के लिए आवंटित करता है।
  • पोर्टफोलियो की मैच्योरिटी। यह देखने में मददगार है कि फंड का सामान्य पोर्टफोलियो कैसे काम करता है। शॉर्ट टर्म परिपक्वता का मतलब कम जोखिम है।
  • फंड का उद्देश्य, उदाहरण के लिए, तेजी से विकास, डिविडेंड्स के संबंध में एक सीधी योजना, या अन्य।

इन मानकों का विश्लेषण करने के बाद आप देख पाएँगे कि आप किस लिक्विड फंड में ऑनलाइन निवेश करना चाहते हैं।

लिक्विड फंड्स में निवेश करने के लाभ

लिक्विड फंड लाभ
जैसा कि आप देख सकते हैं, लिक्विड म्युचुअल फंड्स में निवेश करने के कई लाभ हैं और हम, इनमें से सबसे महत्वपूर्ण आपको संक्षेप में बताना चाहेंगे:

  • कम जोखिम। लिक्विड फंड एक कम जोखिम वाला फंड है जो अपने निवेशकों के लिए सुरक्षित और स्थिर रिटर्न पर ध्यान केंद्रित करता है। इस प्रकार, लंबी मैच्योरिटी वाली सेक्योरोटिज के फंड्स की तुलना में इस फंड का मूल्य स्थिर रहता है। साथ ही, उच्च जोखिम का मतलब उच्च संभावित आय है, इसलिए लिक्विड फंड्स का रिटर्न लंबी अवधि के निवेश की तुलना में बहुत मामूली है।
  • कम लागत। लिक्विड फंड्स कम लागत वाले डेब्ट फंड्स के रूप में जाने जाते हैं क्योंकि वे अन्य म्यूचुअल फंड्स की तरह सक्रिय रूप से प्रबंधित नहीं किए जाते। औसतन, इनका व्यय अनुपात लगभग 1% या उससे भी कम है, जो इन्हें निवेशक को बहुत ही बढ़िया रिटर्न देने की अनुमति देता है।
  • रखने की परिवर्तनीय अवधि। लिक्विड फंड्स के साथ, निवेशक जब तक चाहें अपना पैसा रख सकते हैं, और ज्यादातर वे सात दिनों के अंदर बिना किसी दंड या अन्य निकास शुल्क के पैसे निकाल सकते हैं। इसलिए, लिक्विड फंड में प्रवेश करना और उससे बाहर निकलना आसान है।
  • तेज़ रिडेम्पशन। आमतौर पर, लिक्विड फंड्स एक दिन के अंदर रिडेम्पशन अनुरोधों को संसाधित करते हैं। इस तरह की तेज़ वापसी इसलिए उपलब्ध है क्योंकि यह फंड्स केवल उच्च लिक्विडिटी वाली सिक्योरिटीज में निवेश करते हैं।

अब आप देख सकते हैं कि, लिक्विड फंड्स के कई फायदे हैं जो उन्हें सबसे लोकप्रिय निवेश साधनों में से एक बनाते हैं।

लिक्विड फंड्स में निवेश कैसे करें?

यदि आप SBI लिक्विड फंड या किसी और में निवेश करने का निर्णय लेते हैं, तो कुछ कदम हैं जो आपको उठाने का विचार करना चाहिए:

  1. सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला फंड चुनें।
  2. सुनिश्चित करें कि वह उस राशि में निवेश स्वीकार करता है जो आपको स्वीकार्य है।

लिक्विड फंड में करें निवेश
सबसे पहले, निवेश के लिए आप जिस लिक्विड फंड पर विचार कर रहे हैं, आपको उसकी क्रेडिट रेटिंग और बाकी विवरण जैसे कि अतीत में उसके रिटर्न, निवेश से संबंधित लागत और अन्य महत्वपूर्ण बातों की जाँच करनी होगी।

फिर, आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि फंड का आकार आपके निवेश के आकार के बराबर है। ज्यादातर मामलों में, न्यूनतम निवेश राशि फंड पर निर्भर करती है, और सीमा बहुत बड़ी होती है – $ 100 से $ 1000 तक। इसलिए, हर कोई लिक्विड फंड में सीधे निवेश कर सकता है।

उपरोक्त के अलावा, आपको एक उत्कृष्ट ट्रैक रिकॉर्ड और पिछले प्रभावशाली प्रदर्शन वाला एक लिक्विड फंड चुनना चाहिए। उदाहरण के लिए, आप भारत और अन्य देशों में निम्नलिखित लिक्विड फंड्स में निवेश कर सकते हैं: Baroda, Franklin, Axis, Indiabulls, SBI, HDFC और भी बहुत।

भारत में कई ऑनलाइन लिक्विड फंड्स निर्भरता की गारंटी देते हैं, ताकि आप अपनी पसंद अनुसार इन्हें चुन सकें।

निष्कर्ष

लिक्विड फंड्स के कई फायदे हैं, जैसे कि कम लागत, स्थिर रिटर्न और एक आसान निकास प्रक्रिया। क्योंकि लिक्विड फंड्स के अंतर्निहित ऐसेट्स की परिपक्वता 91 दिनों तक की होती है, इसलिए उन्हें ज़्यादा अस्थिरता का अनुभव नहीं होता। यह उन्हें कम जोखिम वाला निवेश बनाता है। फिर भी, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि लिक्विड फंड्स जोखिम मुक्त नहीं हैं। लिक्विड फंड्स में निवेश करने या किसी अन्य वित्तीय साधन का उपयोग करने से पहले आपको बाजार का विश्लेषण करना चाहिए।

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